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मुक्ताज्ञानम् वेबसाईट को प्रारम्भ करने के का उद्देश्य मातृभाषा हिंदी में वैज्ञानिक लेखन एवं अध्ययन को प्रोत्साहित तथा मौलिक चिंतन की प्रवृति को बढ़ावा देना है। छोटे बच्चों जो विशेषतः जूनियर कक्षाओं में पढ़ते हैं, को यहाँ पर सरल एवं सुबोधगम्य शैली में उनके पाठ्यक्रम से सम्बंधित विषयों के साथ परिचित कराना है, जिससे उनकी नींव मजबूत हो और आगे उस पर मजबूत इमारत खड़ी हो सके। इसका उद्देश्य केवल ज्ञान एकत्रित करने का माध्यम बनाना नहीं है, अपितु इस स्तर पर शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य में लगे सम्मानित शिक्षकों एवं प्रतिभाशाली छात्र–छात्राओं को अपनी अभिनव शिक्षण कला को प्रदर्शित करने का एक अवसर देने का है। उनकी स्वप्रेरणा से यहाँ जो ज्ञान संचित होगा, वह हमारी नयी पीढ़ी के निर्माण के लिए एक सीखने एवं पढ़ने का रुचिकर माध्यम बनेगा और अधिक से अधिक छात्र–छात्राओं को विज्ञान पढ़ने , समझने एवं आगे चलकर वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित कोगा। इस प्रकार के विशेष उद्देश्य के निमित्त समर्पित इस वेबसाईट “मुक्ताज्ञानम ” से ना केवल विज्ञान एवं सामान्य गणित के छात्र–छात्राएं महत्वपूर्ण विषयों की अच्छे से समझ सकेंगें अपितु क्रमिक रूप से जो ज्ञान–विज्ञान एवं सूचनाएं आप सभी के सहयोग से संकलित होगीं, वह हमारे सोचने की क्षमता में अभिवृद्धि करेंगी।
इस वेब साईट से जुड़े ई–विज्ञानम पत्रिका में छपे आलेखों से माध्यमिक एवं वरिष्ठ कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र–आशाओं एवं समान्य जन को लाभ प्राप्त होगा। मुक्त रूप से प्रसारित एवं सभी के लिए उपलब्ध ज्ञान वह यहाँ पर प्रस्तुत ज्ञान को आसानी से समझ में आ सकेंगे जिससे हमारे जनमानस में विज्ञान को लेकर नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार होगा। उद्देश्य तो बहुत पवित्र एवं ऊँचे हो सकते हैं, लेकिन वह समाज के कर्मयोगी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के सहयोग, छात्र–छात्राओं की लगन एवं परिश्रम के बिना प्राप्त करने संभव नहीं हैं। अतः यह प्रयास सबके सहयोग से सबको शिक्षित एवं प्रशिक्षित करने का सहज एवं सुलभ माध्यम बनेगा। ऐसे विश्वास को लेकर प्रारम्भ प्रारम्भ किया जा रहा यह कार्य, आने वाले समय में एक विशाल वट वृक्ष बनकर, हमें ज्ञान की छाया एवं शीतलता प्रदान करेगा। वेबसाईट “मुक्ताज्ञानम” एवं “ई–विज्ञानम” पत्रिका में विविध प्रकार के आलेख होंगे जो इस प्रयास को सम्पूर्णता प्रदान करेगें।वेबसाईट “मुक्ताज्ञानम ” पर आलेख किसी एक सम्पादक एवं मुख्य–सम्पादक की सहमति प्राप्त होने के पश्चात् ऑनलाइन हो सकेंगे जो मुख्य्तः किसी स्तर पर पाठ्यक्रम के भाग होने चाहिए तथा मौलिक अध्यापन की श्रेणी में आने चाहिए, साथ ही साथ ऊपर उल्लेखित उदेश्यों की पूर्ति करते होने चाहिए। ई–विज्ञानम पत्रिका में १: लघु आलेख लगभग १००० शब्दों के कुल ४ से ५ चित्रों के एवं ३– ५ सन्दर्भों के साथ तथा २: सामान्य आलेख एवं विशेष आमंत्रित आलेख लगभग २००० शब्दों के कुल ५ से ८ चित्रों के एवं ५ – १० सन्दर्भों के साथ दिए गए प्रारूप में ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से जमा किये जाने के पश्चात किसी एक संपादक, समालोचक एवं मुख्य–संपादक के सहमति प्राप्त होने के पश्चात ऑनलाइन हो सकेंगे। इसके अतरिक्त समय– समय पर विशेष अंक भी प्रकाशित किये जायेंगे जो किसी एक विशेष विषय पर केंद्रित होंगे।